चकराता के विद्यालय का प्रकरण, दुर्भावना से ससपेंड किया।
उत्तराखंड (देहरादून) बुधवार, 11 दिसम्बर 2024
इनसे रजनी सहायक अध्यापक राजकीय प्राथमिक विद्यालय खन्नाड़ चकराता, विधवा है, दो छोटे छोटे बच्चे हैं, दोनों बीमार है, और अब इनके परिवार के समक्ष बहुत भयंकर आर्थिक तंगी का वातावरण अधिकारियों की गलती के कारण आ गया है।
चकराता के विद्यालय का प्रकरण है, दुर्भावना से ससपेंड किया, जबकि शिक्षक विवेकाधीन अवकाश पर थे।
जांच अधिकारी BEO विकासनगर विनीता कठेत ने दो महा से अधिक हो जाने पर भी जाँच रिपोर्ट जनपद को नहीं भेजी हैं।
जो गलत है, नियम से जांच ज्यादा लटका नहीं सकते हैं।वहीं उक्त खान्नड़ विद्यालय से दोनों को बिना कारण ससपेंड करने से विद्यालय भी बंद हैं, मात्र कभी कबार शिक्षक व्यवस्था से विद्यालय चल रहा है ।
ऐसे में उन बच्चों की क्या गलती । उक्त विद्यालय के दो शिक्षकों को अवकाश पर होने के बाद भी निलंबित कर दिया गया है। सम्बंधित विद्यालय अब पिछले दो माह से शिक्षक विहीन हो गया है। व्यवस्था से हफ्ते में दो चार दिन कोई अन्य शिक्षक व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है। वहीं शिक्षिका विधवा है, दो छोटे छोटे बच्चे हैं, दोनों बीमार रहते हैं, उक्त शिक्षिका और शिक्षक आर्थिक समस्याओं का अम्बार आ चूका है। कृपया स्वयं संज्ञान लेने का कष्ट कीजियेगा और सम्बंधित को नैसर्गिक न्याय प्रदान करते हुए दोनों अध्यापकों के छोटे बच्चों (बाल अधिकार संरक्षण) और परिवार के जीवन की रक्षा हेतु आवश्यक कार्यवाही कीजियेगा ।