मुम्किन है डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा हर्रावाला में 40 पौधों का सफल वृक्षारोपण किया गया।

मुम्किन है डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा हर्रावाला में 40 पौधों का सफल वृक्षारोपण किया गया।

उत्तराखंड (देहरादून) वीरवार , 09 जुलाई 2026

उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला एवं स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अवसर पर ओएनजीसी, तेल भवन, देहरादून के सहयोग से मुम्किन है डेवलपमेंट फाउंडेशन द्वारा लक्ष्मणसिद्ध मंदिर रोड, सिद्धपुरम, हर्रावाला में *”ग्रीन इनिशिएटिव फॉर एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन”* के अंतर्गत वृक्षारोपण अभियान आयोजित किया गया।

हरेला, जो प्रकृति, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक पर्व है, के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान में मौसम विभाग द्वारा भारी वर्षा की चेतावनी के बावजूद स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जामुन, शीशम, आंवला एवं धौरी सहित कुल 40 देशी प्रजातियों के पौधे लगाए।

कार्यक्रम से पूर्व स्वयंसेवकों द्वारा पूरे क्षेत्र की साफ-सफाई की गई, झाड़ियां एवं कचरा हटाया गया, पौधारोपण के लिए गड्ढे तैयार किए गए तथा प्रत्येक गड्ढे में जैविक कम्पोस्ट (ऑर्गेनिक कम्पोस्ट) का उपयोग किया गया। इससे पौधों की बेहतर वृद्धि, मिट्टी की उर्वरता, नमी संरक्षण तथा पौधों के जीवित रहने की संभावना और अधिक बढ़ेगी।

मुम्किन है डेवलपमेंट फाउंडेशन की निदेशिका प्रगति सडाना ने कहा कि हरेला केवल एक पर्व नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे शहरी विकास एवं सड़क चौड़ीकरण के कारण हरित क्षेत्र लगातार कम हो रहे हैं। ऐसे समय में प्रत्येक नागरिक को अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेना चाहिए। आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, हरियाली और स्वस्थ पर्यावरण की अमूल्य धरोहर बनेगा।

अभियान में पराशक्ति संस्था , स्वयंसेवकों, स्थानीय नागरिकों तथा सभी सहयोगी संस्थाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई। कार्यक्रम के सफल समापन पर सभी प्रतिभागियों के लिए अल्पाहार की व्यवस्था की गई तथा उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया गया।

इस अवसर पर सभी सहयोगी संस्थाओं ने हरेला के संदेश—”पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ”—को जन-जन तक पहुंचाने और भविष्य में भी ऐसे जनसहभागिता आधारित पर्यावरण संरक्षण अभियानों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया, ताकि देहरादून को अधिक हरित, स्वच्छ एवं पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *