कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने अपने विधानसभा चुनाव लड़ने की संभावना को खारिज करते हुए कहा है कि उनके समर्थक भी नहीं चाहते हैं कि वह अब चुनावी मैदान में उतरें, लेकिन इसके अलावा पार्टी जो भूमिका देगी, उसे वह पूरी शिद्दत से निभाएंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी को लेकर कहा कि उत्तराखंड के आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की जीत की स्थिति में पद को लेकर आलाकमान जो भी फैसला करेगा, उसे प्रदेश कांग्रेस हमेशा की तरह स्वीकार करेगी। उत्तराखंड में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव संभावित हैं।
मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित कर चुनाव लड़ने के सवाल पर रावत ने कहा कि राज्य में ”पंचमुखी नेतृत्व” है और इसे तय करना पार्टी का काम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्रभारी को भी इस संबंध में निर्णय लेना है। मुख्यमंत्री पद की दौड़ में खुद के शामिल होने के सवाल पर रावत ने कहा कि पार्टी आलाकमान के फैसले को उत्तराखंड कांग्रेस ने हमेशा माना है, इसके इतर कभी कुछ नहीं सोचा है और उसे सोचना भी नहीं चाहिए। उनका कहना था, ”कांग्रेस मजबूती से खड़ी है और आगामी चुनाव में पार्टी जीत हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को बदलाव का अवसर मिल रहा है और यह बदलाव पूरे देश में भी दिखाई दे रहा है।”
संगठन में सब कुछ ठीक नहीं होने संबंधी सवाल पर रावत ने कहा कि परिवार में हर व्यक्ति की अपनी भूमिका होती है और जब चुनौतियां आती हैं तो सभी एकजुट होकर उनका सामना करते हैं। पार्टी में अपनी उपेक्षा किए जाने की बात से इनकार करते हुए रावत ने कहा, ”मैं 78 साल का हूं। पार्टी के लिए पहले भी उपलब्ध रहा हूं और आगे भी रहूंगा।” उन्होंने कहा, ”मैं नाराज नहीं हूं…मैं 58 साल से कांग्रेस में हूं। जिस लकीर पर रहे हैं, उसी पर ही रहेंगे। हां, उम्र के साथ भूमिकाएं बदलती रही हैं।”