लोकसभा चुनाव के साथ शनिवार को चुनाव आयोग ने यूपी की चार विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा कर दी है। चार में से तीन विधानसभा एमएलए के निधन के कारण खाली हुई हैं जबकि एक एमएलए को कोर्ट से सजा मिलने के चलते रिक्त की गई है। चुनाव आयोग ने ददरौल, लखनऊ पूर्वी, गैंसणी व दुद्धी (सुरक्षित) विधानसभा सीटों पर चौथे, पांचवे, छठे और सातवें चरण में उपचुनाव कराने का ऐलान किया है। चुनाव आयोग के अनुसार लखनऊ पूर्वी सीट पर 20 मई को वोटिंग कराई जाएगी जबकि ददरौल में 13 और गैसड़ी में 25 मई को मतदान होगा। दुद्धी विधानसभा सीट पर सातवें चरण में एक जून को वोटिंग होगी।
कब कौन सी सीट हुई थी खाली
2022 के विधानसभा चुनाव में लखनऊ पूर्वी से भाजपा के उम्मीदवार आशुतोष टंडन जीते थे। आशुतोष ने समाजवादी पार्टी के अनुराग भदौरिया को 68731 वोटों से परास्त किया था। कुछ दिन पहले आशुतोष टंडन का निधन हो गया। इसके बाद ये सीट खाली हो गई। इस सीट पर पांचवे चरण 20 मई को वोटिंग होगी। इसी तरह शाहजहांपुर जिले की सीट ददरौल विधानसभा सीट भी भाजपा के कब्जे में थी। यहां से विधायक रहे मानवेंद्र सिंह का बीमारी के चलते निधन हो गया था। मानवेंद्र सिंह ने भी समाजवादी पार्टी के राजेश कुमार वर्मा को बड़े अंतर से हराया था। मानवेंद्र सिंह के निधन के बाद ही ये सीट रिक्त घोषित कर दी गई। अब यहां चौथे चरण में उपचुनाव होंगे।
2022 के विधानसभा चुनाव में गैसड़ी सीट सपा के खाते में गई थी। सपा के उम्मीदवार शिव प्रताप यादव ने चुनाव जीता था। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को चुनाव में बुरी तरह से परास्त किया था। शिवकुमार का 26 जनवरी को निधन हो गया है। इसके बाद से ये सीट खाली हो गई है। अब यहां छठे चरण में 25 मई को उपचुनाव होगा।
इसी तरह दुद्धी विधानसभा पर भी 2022 के चुनाव में भाजपा ने कमल का फूल खिलाया था। भाजपा उम्मीदवार रामदुलार गोंड ने सपा के विजय सिंह गौड़ को हराकर चुनाव जीता था। विजय सिंह गौड़ा को 6297 वोटों से हराया था। रामदुलार गोंड को 25 कोर्ट ने 25 साल की सजा सुनाई है। रामदुलार को एक लड़की से रेप के मामले में दोषी ठहराया गया था। रामदुलार को सजा होने के बाद इस सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया था।